क्योंकि हम सब देखा देखी वही रूढ़ीवादी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए चलते रहते हैं सच्चाई जानने की कभी कोशिश ही नहीं करते क्योंकि आज तक जिन भी आत्माओं को परमात्मा प्राप्ति की चाहत हुई है वह सब परमात्मा को जंगलों में, गुफाओं में, पहाड़ों पर परमात्मा को ढूंढते हैं जबकि कभी हमने उस परमात्मा को अपने ही शास्त्रों में ढूंढने की कोशिश नहीं की।
हमारे सभी धर्मों के पवित्र शास्त्रों में परमात्मा के बारे में पूर्ण जानकारी लिखी हुई होती है उस परमात्मा के बारे में उसका भेद लिखा हुआ होता है कि वह कौन है, कैसा है, किसने देखा है, क्या नाम है, कैसे मिलता है, कौन सी भक्ति विधि से मिलता है। यह सब जानकारी हमारे सभी पवित्र सद ग्रंथों में विद्यमान है
हमारे सभी पवित्र सद ग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि वह परमात्मा से शरीर है सतलोक में रहता है नर आकार है और उसका नाम कविर्देव है।
देखिए अनेकों प्रमाण👇👇
और अधिक जानकारी के लिए हमारेे सभी पवित्र शास्त्रों को पढ़ना होगा तथा उनकेे अनुसार बताई गई भक्ति करनी होगी तब ही हमारा मोक्ष होगा तथा परमात्मा प्राप्ति हो सकती है
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