आज हर मनुष्य केवल माया की दौड़ में लगा हुआ है और माया जोड़ने में ही अपना अधिकतर जीवन बेकार कर जाता है कोई रिश्वत लेकर कोई चोरी कर कर कोई ठगी कर या कोई अन्य तरीके से माया संग्रह करने में लगा हुआ है लेकिन उन्हें खुद इस बात का अहसास नहीं है कि वह जो कर रहा है वह सही है या गलत। आज
मानवता का स्तर बहुत ही ज्यादा गिर चुका है इंसान को इंसान देखकर राजी नहीं ऐसा क्यों हो रहा है इसके बारे में जानने के लिए हमें आध्यात्मिकता की ओर झुकना होगा तथा हमारे सभी सभी ग्रंथों को पढ़ना होगा और ईश्वर के विधान को समझना होगा परमात्मा ने जैसा संविधान बना रखा है हमको उसी के अनुसार चलना होगा
सबसे पहले हमें एक मानव बनना होगा हम किसी के साथ में चोरी जारी ठगी रिश्वतखोरी दहेज लेना और देना भ्रूण हत्या आदि सब का त्याग करना होगा सबसे पहले हमें एक मनुष्य बनना होगा फिर उसके बाद हमें परमात्मा के उस परम पद की खोज करनी होगी जिससे हमारा मोक्ष हो
हम इंसान कैसे बन सकते हैं कि हमें परमात्मा के विधान का जब ज्ञान होगा तो हम परमात्मा के बताए संविधान अनुसार चलने लगेंगे और परमात्मा के विधान का ज्ञान पूर्ण संत ही करवा सकता है और आज इस पृथ्वी पर संत रामपाल जी महाराज ही यह कार्य कर रहे हैं और अधिक जानकारी के लिए देखें साधना टीवी चैनल पर रात्रि 7:30 से
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