Wednesday, May 20, 2020

मानवता का उत्थान

 आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपने मूल उद्देश्यों एवं कर्तव्यों को भूलते जा रहे हैं हमारा मानव जीवन हमें किस लिए मिला था और हम क्या कर रहे हैं हमें खुद यह नहीं मालूम कि हमें कौन से कर्म करने चाहिए और कौन से नहीं करने चाहिए इस आधुनिकता की दौड़ में हम देखा देखी ही सब कार्य कर रहे हैं। 
आज हर मनुष्य केवल माया की दौड़ में लगा हुआ है और माया जोड़ने में ही अपना अधिकतर जीवन बेकार कर जाता है कोई रिश्वत लेकर कोई चोरी कर कर कोई ठगी कर या कोई अन्य तरीके से माया संग्रह करने में लगा हुआ है लेकिन उन्हें खुद इस बात का अहसास नहीं है कि वह जो कर रहा है वह सही है या गलत। आज 
मानवता का स्तर बहुत ही ज्यादा गिर चुका है इंसान को इंसान देखकर राजी नहीं ऐसा क्यों हो रहा है इसके बारे में जानने के लिए हमें आध्यात्मिकता की ओर झुकना होगा तथा हमारे सभी सभी ग्रंथों को पढ़ना होगा और ईश्वर के विधान को समझना होगा परमात्मा ने जैसा संविधान बना रखा है हमको उसी के अनुसार चलना होगा 
 सबसे पहले हमें एक मानव बनना होगा हम किसी के साथ में चोरी जारी ठगी रिश्वतखोरी दहेज लेना और देना भ्रूण हत्या आदि सब का त्याग करना होगा सबसे पहले हमें एक मनुष्य बनना होगा फिर उसके बाद हमें परमात्मा के उस परम पद की खोज करनी होगी जिससे हमारा मोक्ष हो
हम इंसान कैसे बन सकते हैं कि हमें परमात्मा के विधान का जब ज्ञान होगा तो हम परमात्मा के बताए संविधान अनुसार चलने लगेंगे और परमात्मा के विधान का ज्ञान पूर्ण संत ही करवा सकता है और आज इस पृथ्वी पर संत रामपाल जी महाराज ही यह कार्य कर रहे हैं और अधिक जानकारी के लिए देखें साधना टीवी चैनल पर रात्रि 7:30 से

Wednesday, May 13, 2020

सच्चा भगवान(suprim god)कौन ?

मनुष्य जन्म परमात्मा प्राप्ति के लिए हुआ है और हर आत्मा को उसकी चाहत होती है लेकिन वह कैसे मिले?कौन है? किसने देखा है? क्या वास्तव में परमात्मा है या नहीं? इन सब प्रश्नों के उत्तर हर व्यक्ति के मन में होते हैं। लेकिन हमें इन सभी प्रश्नों के उत्तर नहीं मिल पाते। 
क्योंकि हम सब देखा देखी वही रूढ़ीवादी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए चलते रहते हैं सच्चाई जानने की कभी कोशिश ही नहीं करते क्योंकि आज तक जिन भी आत्माओं को परमात्मा प्राप्ति की चाहत हुई है वह सब परमात्मा को जंगलों में, गुफाओं में, पहाड़ों पर परमात्मा को ढूंढते हैं जबकि कभी हमने उस परमात्मा को अपने ही शास्त्रों में ढूंढने की कोशिश नहीं की।
हमारे सभी धर्मों के पवित्र शास्त्रों में परमात्मा के बारे में पूर्ण जानकारी लिखी हुई होती है उस परमात्मा के बारे में उसका भेद लिखा हुआ होता है कि वह कौन है, कैसा है, किसने देखा है, क्या नाम है, कैसे मिलता है, कौन सी भक्ति विधि से मिलता है। यह सब जानकारी हमारे सभी पवित्र सद ग्रंथों में विद्यमान है
हमारे सभी पवित्र सद ग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि वह परमात्मा से शरीर है सतलोक में रहता है नर आकार है और उसका नाम कविर्देव है। 
देखिए अनेकों प्रमाण👇👇
 और अधिक जानकारी के लिए हमारेे सभी पवित्र शास्त्रों को पढ़ना होगा तथा उनकेे अनुसार बताई गई भक्ति करनी होगी  तब ही हमारा मोक्ष होगा तथा परमात्मा प्राप्ति हो सकती है


Friday, May 8, 2020

कैंसर का इलाज आध्यात्म हैं

ऐसा कोई रोग नहीं जो संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गयी मर्यादावत सत्यभगति करने से ठीक नहीं हो सकता ।
कैंसर क्या चाहे इसका बाप भी क्यों न हो।

कैंसर या अन्य कोई रोग पिछले कर्मों से होता है। इससे बचने का एक ही उपाय है संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लें और भक्ति करें और सभी रोगों से छुटकारा पाएं।

Thursday, May 7, 2020

नशा नहीं करना चाहिए

शराब व अन्य विकारों में मानव जीवन को उलझाकर मानव को सद्भगति से दूर रखना काल की सुनियोजित चाल है।

भोली जनता काल कसाई की चाल में फंस रही है।शराबी व्यक्ति का शरीर रोगों की खान बन जाता है। जिस कारण उनके परिवार को उनके नशे और बीमारियों पर खर्च के कारण दोहरी मार पड़ती है।
नशा हमारे भगति मार्ग में सबसे बड़ा  बाधक है।
  - संत रामपाल जी महाराज